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Friday, 24 March 2017

किसान राजा मोटर कंट्रोलर किसानों के लिए एक अद्भुत आविष्कार

मोबाइल प्रौद्योगिकी संचार, बैंकिंग, डिजिटल मनोरंजन और प्रकाशन ने विविध क्षेत्रों में क्रांति लादी है। विनफीनेट टेक्नोलॉजीज कंपनी ने एक जीएसएम सक्षम डिवाइस विकसित की है जो किसान को दूर से उनके मोबाइल या फिक्स्डलाइन फोन कनेक्शन के साथ अपने सिंचाई पंप पर नियंत्रण करने की अनुमति देता है। किसान राजा, नामक दूर स्थ मोटर स्टार्टर को किसी भी मोटर पंप के साथ लगाया जा सकता है और स्थानीय भाषाओं में आईवीआरएस के माध्यम से सक्रिय किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त यह बिजली की विफलता, विघटनकारी पानी की आपूर्ति,  चोरीया खराबी के मामले में किसान को एसएमएस अलर्ट भेजता है।विजय भास्कर एक किसानका बेटा है,  इसलिए उनको एक भारतीय किसान के हर दिन सामने आने वाली चुनौतियों को समझने में ज्यादा समय नहीं लगा। 


उनका कहना है कि सिंचाई का आसान काम भी जोखिम से भरा है। गाँव में आमतौर पर रात में बिजली की आपूर्ति की जाती है और खेतों की दूरी भी सामान्यतः  अधिक होती हैं । चोट काडर,  सांप के काटने का डर और जानवरों के हमले के जोखिम में भी किसानों को रात के समय मोटर चालू करने जाना पड़ता है। ऐसे में अस्थिर बिजली की सप्लाई और पानी की कमी मोटर को खराब करने में सबसे ज्यादा जिम्मेदार होती है। विजय भास्कर जी ने बताया कि इंटेल और सिस्को के लिए उत्पाद डेवलपर के रूप में काम करने के बाद उन्हें विशाल और सस्ती कृषि प्रोद्योगिकी की जरूरत का पूरी तरह से अनुमान हो गया था।

विनफीनेट टेक्नोलॉजीज मूलरूप से ग्रामीण युवाओं को नरमकौशल और प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण देने के लिए आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों के एक समूह द्वारा स्थापित किया गया था। अगस्त 2010, में इसके बोर्ड पर आने के बाद, विजय जी ने कृषि क्षेत्र के लिए स्मार्ट तकनीकी समाधान खोजने के लिए कंपनी का ध्यान केन्द्रित किया ।उनका कहना है कि जल और बिजली आज के दो सबसे दुर्लभ संसाधनों में से हैं। लगभग भारत में उत्पादित बिजली का एक तिहाई कृषि क्षेत्र के लिए है,  और देश में सिंचाई के लिए ताजा पानी का प्रयोग 50 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में हमारे सिंचाई पंप केवल 20-30 फीसदी क्षमता पर चलते हैं और बाकी पानी बर्बाद होता है।


तब विजय भास्कर और उनकी टीम ने दो साल पहले किसान राजा का एक प्रोटोटाइप विकसित किया और एक पायलट अध्ययन का शुभारंभ किया। बाजार में उपलब्ध अन्य आत्म स्टार्टर या टाइमर कि टभी हैं, परन्तु  5,000 रूपये (सिम औरएक रिचार्जेबल बैटरी सहित)  की कीमत वाले किसान राजा की खास बात यह है कि इसका मुख्य उद्देशय किसान को समय समय पर जानकारी देते रहना है। उनका कहना है कि इस तरह के उप करणों के लिए संभावित बाजार भी काफी बड़ा है। भारत में लगभग 35 लाख कृषि पंप उपयोग हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर 20 प्रतिशत किसान भी किसान राजा या मिलते जुलते किट का उपयोग करते हैं तो ये आंकड़ा, सात लाख यूनिट के बराबर है। विनफीनेट कंपनी में लगभग 450 डीलरों का एक रोस्टर बनाया गया है, एक समर्पित बिक्री टीम के साथ वित्त वर्ष 2017 में 1,000 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में किसान राजा के साकारात्मक लॉन्च ने भी बिक्री को प्रोत्साहित किया गया है। उनका कहना है कि उन्हें हर राज्य में कम से कम 100 डीलरों की आवश्यकता है। इस वित्त वर्ष के अंततक वह 12,000-15,000 इकाइयों के बीच बेचने के का लक्ष्य कर रहे हैं और अगले साल ट्रिपल संख्या करने का लक्ष्य है।

विजय भास्कर जी ने बताया कि कंपनी धन जुटाने के लिए निवेशकों,  बैंकों और क्रेडिट कंपनियों के साथ बात चल रही है। वह एकवितरण और बिक्री के बाद सेवानेटवर्क बनाने के लिए प्रति राज्य में 1.5 करोड़ के आसपास की जरूरत है। अब तक उन्होंने अपने उत्पाद का विज्ञापन करने के लिए कृषि मेलों और गांव के मेलों में प्रदर्शनों पर जोर दिया हैं। उन्होंने कहा कि खपत को बढ़ाना चाहिए एवं उत्पादन लागत नीचे जाना चाहिए। विनफीनेट भी दो और उत्पादों को विकसित कर रहे हैं, एक सेंसर आधारित सिंचाई प्रणाली वदूसरा पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने का यंत्र हैं,  दोनों उत्पादों के हीअगले एक साल तक बाजार में आनेका अनुमान है।
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